KNOWKAHINDI

KNOWKAHINDI
KNOWKAHINDI

योग के बारे में वह सबकुछ जो आपको जानना जरूरी है |

दोस्तों योग हमारे संस्कृति का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है | योग हमारे पूर्वज का दिया हुआ अमूल्य उपहार है | दोस्तों दुनिया में सबसे बड़ा धन स्वस्थ रहना है | अगर आपका शरीर स्वस्थ है तो आप दुनिया का सबसे बड़ा धनी व्यक्ति है | योग का परम्परा अत्यंत बहुत ही पुरानी है | योग का जन्म हजारों वर्ष पहले हुआ था | दोस्तों जब से सभ्यता शुरू हुई थी उसी समय से योग किया जाता है | योग का आदि पिता , गुरु ,भगवान शिव है | शिव का मतलब कल्याणकारी होता है | भगवन शिव इस दुनिया और हम सभी का कल्याण करते है | इसलिए भगवान शिव को देवो का देव महादेव कहा जाता है | भगवान शिव के बाद वैदिक ऋषि - मुनियो और संतो ने योग को करना प्रारम्भ किया | कृष्ण बुद्ध और महावीर ने आपनी तरह से योग का विस्तार किया | उसके बाद गुरु पतञ्जलि ने योग को सुव्यवस्थित किया | दोस्तों वेद पूरी दुनिया का सबसे प्राचीन साहित्य है और वेद में योग का वर्णन है | योग शब्द का जन्म संस्कृत शब्द यूज से हुआ था युज का अर्थ है स्वयं का सर्वश्रेष्ठ ( सुप्रीम ) स्वयं के साथ मिलन | पंतञ्जलि के अनुसार योग का अर्थ होता है मन को बस में रखना | दोस्तों आपने तो महाभारत तो जरूर देगा होगा भारत में रहने वाला कोई ही ऐसा लोग है जो महाभारत के बारे में नहीं जानता होगा | महाभारत में जब अर्जुन युद्ध करने मैदान में गया तो अर्जुन को मोह आ गया अर्जुन श्री कृष्ण से कहने लगा की यहां पर सब मेरे सबंधी आदि लोग है इसपर बाण आदि कैसे चलाए | उस समय श्री कृष्ण ने अर्जुन को राज योग , कर्म  योग , भक्ति योग , और ज्ञान योग का शिक्षा दिए थे | दोस्तों योग जीवन है | दोस्तों आज जो हम लोग योग के बारे में जानते है वास्तव में यह योग का 1 % का भी 1 % नहीं है | योग सागर है | तो दोस्तों अब जानते है महर्षि पतञ्जलि के बारे में |



Spiritualism, Awakening, Meditation, Yogi, Aura


महर्षि पतञ्जलि |

महर्षि पतञ्जलि को योग शास्त्र का जन्मदाता कहा जाता है | महर्षि पतञ्जलि पाटलिपुत्र के राजा पुष्यमित्र शुंग के शासनकाल में थे | ऐसा माना जाता है की महर्षि पतञ्जलि पाणिनि के शिष्य थे | महर्षि पाणिनि व्याकरण के रचिता है | महर्षि पतञ्जलि ने पुष्यमित्र शुंग का अश्वमेघ यज्ञ कराये थे | महर्षि पतञ्जलि का जन्म गोनार्ध में हुआ था | बाद में महर्षि पतञ्जलि काशी आ गये | महर्षि पतञ्जलि को नाग का अवतार माना जाता है | महर्षि पतञ्जलि ने योग सूत्र की रचना की | महर्षि पतञ्जलि को एक प्रख्यात रसायन शास्त्र और चकित्सक के गुरु माना जाता है | दोस्तों रसायन के क्षेत्र में अभ्रक  धतुयोग का परिचय कारने का श्रेय महर्षि पतञ्जलि को जाता है | महर्षि पतञ्जलि ने योग को आस्था अन्धविश्वास से बाहर निकलकर सुव्यवस्थित किया | महर्षि पतञ्जलि को चरक संहिता का प्रेरणा श्रोत माना जाता है |

 योग दिवस |

दोस्तों जैसे की आप सभी जानते ही है की योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है | 21 जून सबसे लम्बा दिन होता है |  दोस्तों पहली बार योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था | योग भारत का प्राचीन परपरा है | 11 दिसबर 2014 को सयुक्त राष्ट्र के 177 सदस्यों ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय  योग दिवस मनाने का प्रस्ताव को मंजूरी मिला | 2015 से योग आरंभ हो गया | दुनिया के सभी देशो ने मिलकर योग दिवस मनाने का समर्थन किया | योग भारत का देंन है | योग का जन्म आपने देश में हुआ है | दोस्तों इस बार कोरोना के कारण उस तरह से नहीं मनाया गया जैसे हर साल मनाया जाता है | लेकिन योग तो हम सभी सुबह या तो शाम को तो करते ही है | दोस्तों जो अभी हम लोग जो योग जानते है और जितना भी जानते है अगर उतना भी करे तो हम सदा के लिए रोग मुक्त रहेंगे | दोस्तों जो योग हम सभी करते है वह योग का थोड़ा ही हिस्सा है | अगर हम योग का 10 % भी जान ले तो वर्तमान समय में हमसे धनवान कोई नहीं | हमारे देश में रामदेव जी ने योग को प्रचलित किया | जो कुछ समय से छिप गया था | दोस्तों आप यह जान ले की स्वस्थ शरीर सभी को जरूरी है योग किसी धर्म या जात का नहीं है योग दुनिया में कितना भी लोग है योग सभी के लिए  है  | इसलिए सभी लोगो को योग करना चाहिए | 

दोस्तों जानते है योग के फायदे के बारे में | 

योग करने से शरीरिक मानसिक और आध्यमिक हमारे तीनो क्षेत्र में लाभ होता है | शरीरिक रूप से बीमार नहीं पड़ेगे और मन शांत रहेगा दोस्तों आप यह जान लीजिए शरीरिक से ज्यादा मानसिक स्वस्थ रहना जरूरी है अगर आप मानसिक रूप से स्वस्थ है तो आपके पास बीमारी नहीं आ सकता है | मानसिक रूप से स्वस्थ रहिए | योग हमे मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में बहुत ज्यादा मदद करता है | दोस्तों वर्तमान समय में देखा जाता है की कुछ भी हो पहले दवाई लेते है दोस्तों ज्यादा दवाई का सेवन करने से शरीर को काफी नुकसान होता है | वर्तमान में बहुत कम लोग ही है जो पूरी तरीका से आयुर्वद का ही सेवन करता है | दोस्तों आयुर्वेद हमारी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अंग  है  हम आपने इतिहास को भूल चुके है दोस्तों हमारे इतिहास में तो बीमारी है ही नहीं| अगर हम आपने संस्कृति को अपना ले तो बीमार रहने का समस्या 99 % खत्म हो जायेगा | जो करता है योग वह रहता है निरोग | 





एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ