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आजादी क्या है और कैसे होना चाहिए स्वतंत्रता दिवस पर विशेष |What is freedom and how should it be Special on Independence day

दुनिया को अगर किसी देश पर नजर था तो वह भारत देश पर था | क्योकि भारत में इतना सोना चांदी हीरे और अन्य मूल्यवान वस्तु था की सब देश का नजर आपने भारत देश पर था | भारत एक बहुत ही विशाल और सोने की चिड़िया कहे जाने वाला देश था | हमारा देश बहुत ही सुख सम्पन वाला देश था | दोस्तों हम एक कहानी बताते है आपको | एक बार चीन से कोई व्यक्ति आपने देश आता है और देखता है की दो किसान आपस में झगड़ा कर रहा थे | चीनी व्यक्ति यह जानना चाहा की यहां के लोग इतना सुखी और सम्पन्न है फिर झगड़ा क्यों कर रहे है | दोनों राजा के पास गया | एक किसान ने राजा से कहा महाराज मैंने इनको जमीन भेजा था और उसमे सोना हीरे से भरा एक बक्सा मिला | अब उसमे सोने हिरा मिले या कुछ भी मिले वह तो उस किसान का हुआ ना मेरा कैसे हुआ | फिर दूसरा किसान ने कहा | महाराज मैंने तो जमीन खरीदा था अगर उसमे मूल्यवान वस्तु मिला तो वह मूल्यवान वस्तु मेरा कैसे हुआ | फिर राजा ने देखा की कोई मूल्यवान वस्तु लेने को तैयार नहीं था तो अंत में राजा ने वह मूल्यवान वस्तु जनता के हितो में लगाने के लिए हुक्म दिया | यह निर्णय सुनकर दोनों किसान खुश हुए | ऐसा था आपने देश ऐसा ही देश फिर से हमे बनाना है तब होगा वास्तविक आजादी | 

देश को आजादी कराने में लाखो करोड़ो लोगो का योगदान था | दोस्तों आजादी एक ऐसा शब्द है जो मन को सकून देता है | दोस्तों आजादी सब को चाहिए | दोस्तों जेल चाहे सोने का हो या हीरे का जेल तो जेल है | उसी प्रकार गुलामी चाहे किसी का हो गुलामी तो गुलामी है | दोस्तों हमारे देश को आजाद हमारे पूर्वजो ने मिलकर दिलाया है | माँ भारत के लिए बहुत से महान आत्मा ने ख़ुशी ख़ुशी फांसी पर चढ़ गए | उसमे से एक थे भगत सिंह | दोस्तों भगत सिंह का नाम सुनते ही खून दौड़ने लगता है | शुभाषचद्र बोस ब्रिटिश को इंडिया छोड़ने पर मजबूर कर दिया | वीर कुँअर सिंह 80 वर्ष के उम्र में ब्रिटिश से लोहा लिया और देश के लिए आपने हाथ में गोली खाई | जिसके कारण आपने हाथ को काटना पड़ा | देश को आजाद कराने में बहुत से महान आत्मा शहीद हो गए | देश को आजाद कराने में लाखों करोड़ो लोगो का योगदान रहा | तो दोस्तों कुछ महान लोगो के बारे में जानते है जो देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिये | 


वीर कुंअर सिंह- KUNWAR SINGH

वीर कुंअर सिंह - वीर कुंअर सिंह का जन्म बिहार के भोजपुर जिला में हुआ था | वीर कुंअर सिंह भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के योद्दा थे | वीर कुंअर सिंह 80 साल के जवान योद्धा थे | इस महान योद्धा ने ब्रिटिश से डटकर मुकाबला किया | 1857 में स्वतंत्रता संग्राम में वीर कुंअर सिंह का भूमिका महत्वपूर्ण था | वीर कुंअर सिंह का जन्म 13 नवंबर 1777 में हुआ था | 23 अप्रैल 1858 को वीर कुंअर सिंह ने अंतिम लड़ाई लड़ा | ईस्ट इंडिया कंपनी के सैनिक को खदेड़ दिया | उस दिन वीर कुंअर सिंह बुरी तरह घायल हो गया | वहा से आपने किला लौटने के बाद 26 अप्रैल 1858 को वीर कुंअर सिंह वीर गति का प्राप्त हो गए | 



महात्मा गाँधी - Mahatma Gandhi 

दोस्तों महात्मा गाँधी को कौन नहीं जनता है | महात्मा गाँधी का जन्म दो अक्टूबर 1869 को हुआ था | महात्मा गांधी ने 1917 ई० को बिहार के चम्पारण से सत्याग्रह आंदोलन का शुरुआत किये | यह आंदोलन इंडिया का पहला नागरिक अवज्ञा आंदोलन था | इस सत्याग्रह आंदोलन से महात्मा गाँधी जी ने लोगो को ब्रिटिश शासन के विरोध में सत्याग्रह का हथिहार बनाकर ब्रिटिश के विरोध में पहला प्रयास किये  | 


असहयोग आंदोलन - महात्मा गाँधी ने राष्ट्रीय कॉग्रेस के नेतृत्व में 1920 में असहयोग आंदोलन चलाया | इस आंदोलन में लोगो के मन में स्वतंत्रता आंदोलन के प्रति एक जागृत मिला | महात्मा गाँधी का मानना था की ब्रिटिश के हाथो से हम इंडिया के लोगो को न्याय मिल ही नहीं सकता है | यह आंदोलन बहुत सफल रहा | इस आंदोलन में लाखो इंडियन का साथ मिला | इस आंदोलन से ब्रिटिश शासन हिल गया 

दलित आंदोलन - 8 मई 1933 को महात्मा गांधी ने छूआछत आंदोलन का शुरुआत किये | दोस्तों अब तो छुआछूत कम है लेकिन अब भी कुछ है ये खत्म होना चाहिए | जाती भेद छुआछूत ये हमारे देश के लिए श्राप है | 

भारत छोड़ो आंदोलन - यह आंदोलन का शुरुआत 1942 में हुआ था | यह ब्रिटिश के लिए बहुत ही घातक आंदोलन था | यह आंदोलन ब्रिटिश को इंडिया छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया | 



भगत सिंह - Bhagat Singh 

भगत सिंह - दोस्तों भगत सिंह हमारे दिल में बसे है | भारत को आजादी दिलाने में अपना जीवन को न्योछावर करने वाले भगत सिंह हर भारतीयों के दिल में बसता है | भगत सिंह महान क्रांतिकारी थे | भगत सिंह का जन्म लायलपुर जिला के बंगा में हुआ था | अब यह स्थान पाकिस्तान में है | पाकिस्तान उस समय इंडिया का ही हिस्सा था 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान इंडिया से अगल हो गया | भगत सिंह का पिताजी का नाम सरदार किशन सिंह और माँ का नाम विद्यावती कौर था | भगत सिंह का पूरा परिवार देश के आजादी में सक्रिय थे | 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला  हत्याकांड से भगत सिंह पर गहरा प्रभाव पड़ा | 

यह बात जब भगत सिंह को पता लगा तो वह आपने स्कूल से जलियाँ बाग़ पहुंच गये | भगत सिंह ने पढ़ाई छोडकर भारत के आजादी के लिए नौजवान भारत सभा का स्थापना किये | 1920 में भगत सिंह महात्मा गाँधी के असहयोग आंदोलन से जुड़ गए | असहयोग आंदोलन में महात्मा गांधी जी ने विदेशी समान का बहिष्कार कर रहे थे | भगत सिंह ने और उनके साथी ने मिलकर असेंबली में बम फेका | बम फेक कर नारे लगाने लगे | अगर भगत सिंह चाहते तो भगत सिंह भाग सकते थे लेकिन उसने अपनी गिरफ़्तारी दी | भगत सिंह ने जेल में हो रहे भारतीयों के जुल्म के खिलाफ भूख हड़ताल भी किया | 23 मार्च 1931 को भगत सिंह सुखदेव और राजगुरु को फांसी दे दी गयी | भगत सिंह मर के भी अमर हो गए | 



indian flag



सुभाष चन्द्र बोस - Subhash chandra Bose 

सुभाष चन्द्र बोस - दोस्तों देश के आजादी में सुभाष चन्द्र बोस का अनमोल योगदान है | ब्रिटिश शासन के छक्के छुड़ाने वाले सुभाष चन्द्र बोस ही था | सुभाष चन्द्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 में हुआ था | दोस्तों आपने तो यह नारा जरूर सुना होगा तुम मुझे खून दो मै तुम्हे आजादी दूगा | यह नारा सुभाष चन्द्र बोस ने ही दिए थे | सुभाष चन्द्र बोस के पिताजी का नाम जानकीनाथ बोस और माता जी का नाम प्रभावती थी | सुभाष चन्द्र बोस के पिताजी कटक शहर के बहुत बड़े वकील थे |  नेताजी जापान के सहयोग से आजाद हिन्द फौज का स्थापना किए | जब नेताजी जापान और जर्मनी से मदद लेने का कोशिश कर रहे थे तो ब्रिटिश सरकार ने नेताजी को मारने का आदेश दे दिया था | 

5 जुलाई 1933 को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने अपनी सेना को संबोधित करते हुए दिल्ली चलो का नारा दिया | 1944 को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के सेना ने ब्रिटिश पर आक्रमण किया कुछ प्रदेश ब्रिटिश से मुक्त कर दिया | सुभाष चन्द्र बोस का मौत कैसे हुआ यह रहस्य अभी तक सामने नहीं आया है | 

सरदार पटेल - Sardar patel

सरदार पटेल - दोस्तों सरदार पटेल का योगदान आजादी के पहले तो था ही लेकिन आजादी के बाद देश को एकता के सूत्र में पियोने वाला व्यक्ति सरदार पटेल ही था | सरदार पटेल को लौह पुरुष और बिस्मार्क ऑफ़ इंडिया कहा जाता है | सरदार पटेल इंडिया के सबसे लोकप्रिय नेता थे | जब देश आजाद हुआ था तो देश बहुत भाग में बांटा हुआ था | सरदार पटेल ने सब रियासत को एक किया | सरदार पटेल देश के पहले गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री बने | सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को हुआ था | सरदार पटेल का जन्म का कोई सही रिकॉड नहीं है यह तिथि सरदार पटेल के उनके मैट्रिक परीक्षा पेपर से लिया गया है | सरदार पटेल का जन्म एक किसान परिवार में हुआ था | दोस्तों अगर सरदार पटेल नहीं होता तो आज जैसे इंडिया का नक्शा है वैसा नहीं रहता | 



दोस्तों यह कहना गलत होगा की आज हम आजाद है क्योकि पहले हम मुगल के गुलाम थे फिर ब्रिटिश ( गोरो ) के गुलाम थे | आज हम गरीबी ,बरोजगारी ,जातिभेद ,भुखमरी  भ्रष्टाचार,  अशिक्षा, बीमारी के गुलामी है | दोस्तों हम सही मायने में तभी आजाद होंगे जब हमारे किसान के जीवन में ख़ुशी हो | हमारे मजदुर भाई सड़क पर भूखे नहीं हो | सभी लोगो के पास रोजगार हो | कोई लोग आपने घर छोड़ कर अन्य राज्य में रोटी के लिए धर धर ना भटके | सभी लोग धनी सम्पन हो | लोग दूसरे से भीख नहीं मागे | और दोस्तों एक गुलामी मन का भी है | मन का गुलामी अन्य बीमारी से ज्यादा खतरनाक है | हमे मन के गुलामी से भी आजादी मिले | तब कहेगी हम अब आजाद है | नहीं तो आज भी हम गुलामी में जी रहे है |

देश को आजादी कराने में लाखो करोड़ो लोगो का योगदान था | दोस्तों आजादी एक ऐसा शब्द है जिसके सुनते ही मन को सकून होता है | दोस्तों आजादी सब को चाहिए | दोस्तों जेल चाहे सोने का हो या हीरो का जेल तो जेल है | इसलिए आजादी हमे चाहिए | मुग़ल और ब्रिटिश से तो हो गया अब हमे अशिक्षा ,अशांति ,गरीबी ,भुखमरी बरोजगार भ्रष्टाचार जातिभेद मनभेद, बीमारी जैसे दुश्मन से आजादी लेना है | आजादी ऐसा होना चाहिए की सब को सुख और शांति मिले | तब कहेगे वास्तविक आजादी | 




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