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श्री कृष्ण जन्माष्टमी कब और क्यों मनाया जाता है | When and why is Shri Krishna Janmashtami celebrated

दोस्तों हमारे देश में जन्माष्टमी बहुत धूमधाम से मनाया जाता है | श्री कृष्ण हमारे दिल में वास करते है | श्री कृष्ण भारत का आत्मा है | श्री कृष्ण जन्माष्ठमी सिर्फ आपने देश में नहीं बल्कि बहुत सारे देश में श्री कृष्ण जन्माष्ठमी मनाया जाता है | श्री कृष्ण हमारे पूर्वज है जो हमे सत्य मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान करते है | श्री कृष्ण दुनिया का आत्मा है | मतलब श्री कृष्ण के बिना कुछ भी नहीं है | दोस्तों श्री कृष्ण श्री हरि के आठवां अवतार है | श्री कृष्ण का अवतार कंश और अनेक राक्षक का विनाश करने के लिए हुआ था |  श्री कृष्ण देवकी जी के पुत्र के रूप में अवतार हुए थे उसके पहले कंश का आतंक बहुत बढ़ गया था | श्री कृष्ण गीता में अर्जुन को समझते हुए कहते है | हे अर्जुन जब जब धर्म का हानि होता है और अधर्म का वृध्दि होता है तब में आपने रूप को रचता हुँ अर्थात साकार रूप में सम्मुख आता हुँ पाप कर्मो का विनाश के लिए और साधुओं का उदार करने के लिए मै धरती पर बार बार अवतरित लेता हुँ | और एक श्लोक में कहते है | हे अर्जुन तू मुझको मानने वाला है मेरा भक्त बन और मुझे ही प्रणाम कर ऐसा करने से तू सदा के लिए मुझे ही प्राप्त होगा यह मै तुमसे सत्य प्रतिज्ञा करता हुँ | क्योकि तू मेरा अत्यंत प्रिय है | सम्पूर्ण कर्मो को त्याग कर तू केवल एक मुझ सर्वशक्तिमान के शरण आ जा मै तुम्हे सम्पूर्ण पापो से मुक्त कर दुगा | तू शोक मत कर | श्री गीता में कहे है की जो लोग सिर्फ मुझमें ही योग लगाता है वह हमे ही प्राप्त होता है उसका पाप विनाश होता है | श्री कृष्ण और श्री रामजी इस धरती पर इस लिए आये की मनुष्यो को सही रास्ता प्रदान कर सके | श्री कृष्ण हमे सत्य के मार्ग पर ले जाते है | श्री कृष्ण हमारे आर्दश है | दोस्तों आप जानते ही है की कृष्ण का जन्म जेल में हुआ था | श्री कृष्ण की लौकिक माँ यानि देवकी उस समय कंश के जेल में था | जेल में होने के क्या कारण था पहले इसके बारे में जान लेते है | जब देवकी जी का शादी हुआ और जब सुसराल जाने लगे थे तभी एक भविष्य वाणी हुआ था | हे मुर्ख कंश तू जिसे ले जा रहा है उसका आठवां पुत्र तुम्हारा वध करेगा | इसी कारण देवकी को कारागार में भेजा गया | और कंश ने देवकी वासुदेव के 7 पुत्र को मर दिया | फिर आठवां पुत्र के रूप में श्री कृष्ण का अवतार हुआ 


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जन्माष्टमी कब और क्यों मनाया जाता है |



श्री कृष्ण जन्माष्टमी भादो के माह में कृष्ण पक्ष के अष्टमी तिथि को मनाया जाता है | उसके एक सप्ताह पहले रक्षाबंधन मनाया जाता है | जब श्री कृष्ण का जन्म हुआ था तो उस समय बहुत तेज वर्षा हो रही थी | जब श्री कृष्ण धरती पर अवतरित हुआ था तो कारागार के अन्य लोगो को पता नहीं चला | कारागार में एक तेज प्रकार फैला और वासुदेव को एक आज्ञा मिला की यह बच्चा यानि श्री कृष्ण को आप गोकुल के यशोदा जी के यहां पहुचा दीजिए | वासुदेव भगवान का आदेश का पालन करते हुए श्री कृष्ण को नंदबाबा के घर पहुंचा दिया | और श्री कृष्ण का लालन पालन नन्द बाबा के घर में हुआ | उनके जन्म के दिन को हम सभी लोग बहुत ही धूम धाम से श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाते है | 

होली के बारे में बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी |


जन्माष्टमी कैसे मनाया जाती है | 

दोस्तों भारत एक विचित्र देश है यहां पर आपको जो चीज मिलेगा | वह दुनिया के अन्य देश में हो नहीं सकता है | जन्माष्टमी अलग अलग जगह पर अलग अलग तरीका से मनाया जाता है | बहुत से जगह पर इस दिन होली मनायी जाती है | तथा कुछ जगहों पर फूलो से होली खेली जाती है | कुछ जगहों पर श्री कृष्ण और माँ राधे के झांकिया निकाली  जाती है | इस पावन त्योहार पर लोग मंदिरो को बहुत अच्छी तरीका से सजाया जाता है | लोग इस दिन उपवास भी रखते है | इस त्योहार को झूलन कहते है | झूलन में श्री कृष्ण को झूला पर झुलाया जाता है | दोस्तों इस त्योहार को पूरा देश और विदेश में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है लेकिन मथुरा और गोकुल का मजा कुछ हटके है  दोस्तों आप एक बार श्री कृष्ण के नगरी मथुरा गोकुल जरूर जाए | आपको वहां पर शांति का अनुभव होगा | 

मंदिरों में घंटी क्यों बजाई जाती है |


दही हांड़ी का महत्व और प्रतियोगिता | 

इस दिन दही हांड़ी का प्रतियोगिता होता है | इस दिन लोग श्री कृष्ण अर्थात गोविंदा बनते है | मटकी में दही दूध माखन देते है क्योकि श्री कृष्ण को माखन बहुत ही पसंद था | मटकी में माखन और कुछ रुपया रखा जाता है और रस्सी के सहायता से ऊपर लटकाया जाता है | जो इस मटकी को फोड़ते है उसे इनाम दिया जाता है | कुछ जगहों पर होली में भी इस तरह का त्योहार मनाया जाता है | यह एक बहुत ही पवित्र दिन होता है | 

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