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Holi kyu manaya jata hai.होली क्यों मनाया जाता है |

आज जानेगे Holi kyu manaya jata hai  होली क्यों मनाया जाता है | दोस्तों अपना देश त्योहारों का देश है सबसे ज्यादा पर्व यहां ही मनाया जाता है सभी फेस्टिवल का अपना ही महत्व है | यह खुशियों का दिन होता है सभी के चेहरे पर गुलाल लगा होता है | 


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Holi kyu manaya jata hai.



Holi kyu manaya jata hai होली क्यों मनाया जाता है | 


यह रंगो के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है | इस दिन लोग संगीत ढोल बजा के साथ मस्ती करते हुए दिखाई देते है एक दूसरे पर रंग पानी फेका जाता है पुचकारी से रंग खेलते है | 

यह एक बुराई पर अच्छाई पर जीत का प्रतीक है इसका इतिहास पौराणिक कथा के अनुसार होली का त्यौहार हिरण्यकश्यप से जुड़ा हुआ है | 

History of holi होली का इतिहास 

हिरण्यकश्यप प्राचीन भारत का एक राजा था यह राक्षक कुल का था आपने भाई की मौत का बदला लेना चाहता था | इसलिए आपने शक्ति को बढ़ाने के लिए उसने बहुत कठिन तपस्या किया | 


आखिरकार उसे वरदान प्राप्त हुआ वह शक्ति प्राप्त कर  खुद को भगवान समझने लगा था वह चाहता था की हर कोई उसकी पूजा करे | 


और लोगो पर अत्याचार करने लगा जो लोग इसका पूजा नहीं करते थे उसे मरवा दिया जाता था | दिनों दिन इसका आंतक ज्यादा ही होने लगा था | 


श्री कृष्ण ने भगवत गीता में कहा है जब जब धर्म की हानि होती है और अधर्म की वृद्धि होती है तब मै इस धरती पर अवतार लेता हूँ | 


पाप कर्मो का विनाश करने के लिए साधुओ का उद्धार करने के लिए मै धरती पर बार बार अवतरिक लेता हु | अभी तक पूरी तरह से हिरण्यकश्यप का पाप पूरी तरह से भरा नहीं था | 


इसका एक पुत्र था जिसका नाम प्रह्लाद था वह श्री हरि का बहुत बढ़ा भक्त था उसके पिताजी कहते थे की श्री विष्णु का पूजा नहीं करे | 


वह उसकी पूजा करे लेकिन भक्त प्रह्लाद ने उसकी एक ना सुनी इससे हिरण्यकश्यप गुस्सा में आ जाते थे उसने प्रह्लाद को अनेक  यातनाएँ दिया लेकिन प्रह्लाद ने श्री हरि के याद में रहकर सब यातनाएँ ख़ुशी खुशी सहन किया | 


राक्षसों का राजा कश्यप था उसकी पत्नी का नाम दिति थी इन दोनों के दो पुत्र थे जिसका नाम हिरणाक्ष और हिरण्यकश्यप था इसे वरदान था की यह ना तो आकाश में ना, ही धरती पर , ना ही घर में और ना ही बाहर में | 


ना ही स्त्री से ना ही पुरुष से ना ही दिन में ना ही रात में ना ही अस्त्र से ना ही शस्त्र से ना ही मानव से ना ही दानव से मरेगा |  


यह वरदान पाकर उसका घमंड आसमान पर पहुंच गया था | हिरण्यकश्यप चाहता था की वह  नारायण का स्तुति ना करके मेरा पूजा करे | 


जब यह बात प्रह्लाद मानने को तैयार नहीं हुआ तो  हिरण्यकश्यप कोध्रित होकर यातनाएँ तो दिया फिर भी जब नहीं माना तो मरने का आदेश दे दिया | 


रक्षक लोग मारने का बहुत प्रयास किया लेकिन वह असफल रहा | श्री नारायण के आर्शीवाद से प्रह्लाद को कुछ भी नहीं हुआ | 


उसके बाद हिरण्यकश्यप अपनी बहन को प्रह्लाद को मारने का आदेश दिया जिसका नाम होलिका थी उसे वरदान में एक चादर मिला था वह आग से नहीं जलेगी | 


होलिका ने प्रह्लाद को लेकर आग में प्रवेश किया प्रह्लाद को तो कुछ नहीं हुआ लेकिन होलिका मर गई | इसी के याद में यह पर्व मनाया जाता है | 


अब आप जान गए की Holi kyu manaya jata hai . होली क्यों मनाया जाता है | अब जानते है यह कैसे मनाया जाता है | 


How is holi celebrated होली कैसे मनाया जाता है |


होली पुरे भारत में मनाया जाता है श्री कृष्ण और श्री राम का जन्म स्थल उत्तर भारत में हुआ था | इसलिए यह त्यौहार उत्तर भारत में बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है | 


यह त्यौहार अगर देखना है तो वृंदावन गोकुल बज्र का देखिये यहां का आनंद आपको मन मोह लेगा यह खुशियों का दिन होता है |  लोग सुबह सुबह उठकर स्नान आदि करते है | 


हमारे सनातन धर्म में सुबह सुबह स्नान करके पूजा किया जाता है श्री हरि का आराधना करते है मंदिर जाते है महादेव श्री कृष्ण का पूजा किया जाता है | 


घर की स्त्री पकवान बनाने के लिए भीड़ जाती है इस दिन बहुत सारे पकवान बनाये जाते है इसलिए हम लोग भी माँ के साथ मिलकर सहयोग देते है भोजन पकाने में | फिर हमलोग कुछ नाश्ता करते है | 


और तब शुरू होता है रंगा पार्टी मतलब होली खेलने निकल पड़ते है खेलने के लिए इस दिन बच्चो में बहुत उत्साह रहता है | 


लोग एक दूसरे पर रंग छिड़कते है और गुलाल लगाते है | सब के चेहरे पर गुलाल रंग लगा रहता है सब कुछ रंगीन दिखाई देता है | 


ढोल बाजे के साथ गीत का महौल रहता है गीत के साथ नाचना भी होता है | बड़ा छोटा सब आपना ग्रुप में बनाकर खेलते है होली | 


लोग इस दिन बुरा नहीं मानते है क्योकि एक कहावत है ना बुरा ना मानो होली है खेलकर लोग घर आते है शरीर साफ कर भोजन करते है | 


इस दिन लोग एक दूसरे को भोजन के लिए आमंत्रण भी करते है | पुआ इस दिन का मुख्य भोजन होते है लोग थोड़ा आराम कर फिर शाम को निकल जाते है | 


शाम को अबीर के साथ होली खेलते है एक दूसरे पर गुलाल लगाते है बड़े से आर्शीवाद लेते है फिर रात का प्रोग्राम होता है मटकी फोड़ने का | 


मटकी का कार्यक्रम में बहुत मजा आता है इस दिन श्री कृष्ण का याद आता है | यह एक बहुत ही मजा बहुत कुछ सिखने का पर्व है | 


Holi kyu manaya jata hai होली क्यों मनाया जाता है | यह तो जान ही गए लेकिन आजकल पहले कैसे होली मनाया जाता था उस तरह अब  नहीं मनाया जाता है अब जानते है अच्छे तरह से यह पर्व कैसे मनाये | 


How to celebrate holi होली को सही तरीके से कैसे मनाए | 



दोस्तों पहले की बात करेंगे तो पहले प्राकृतिक चीजों से होली खेला जाता था जैसे फूलो से उससे हमारी त्वचा को कुछ भी हानि नहीं होता है | How to celebrate holi


यह त्वचा के लिए अच्छा होता था लेकिन अब Chemicals का उपयोग किया जाता है रंगो में | इसलिए यह त्वचा के लिए बहुत ही हानिकारक है | 


इससे बच्चा बहुत प्रवाभित होता है अगर सही कहे तो अब हमारे हर त्यौहार में विदेशी वस्तु  जो हानिकारक है उसका इस्तेमाल बहुत ज्यादा होने लगा है | 


इस केमिकल रंगो के कारण बहुत से लोग खेलना छोड़ रहे है यह हमारे समाज का सोचने का विषय है | हमे प्राकृतिक युक्त चीजों का का इस्तेमाल करने पर जोड़ देना चाहिए | 


हमे सबसे पहले केमिकल रंगो का होलिका दहन करना चाहिए और नेचुरल युक्त रंगो का इस्तेमाल करना चाहिए | 


जब भी घर से निकले तो पुरे शरीर पर तेल लगा ले ऐसा इस लिए करना चाहिए जब  खेल कर वापस आये तो रंग छुड़ाने में दिक्कत ना हो | 


पुरे शरीर को कपड़ा पहनकर  बाहर निकले इससे यह होगा की जब केमिकल  युक्त रंग लगाए तो कपड़ा के कारण शरीर को कम नुकशान हो | 


खेलते समय यह ध्यान रखना चाहिए की किसी के आँख  रंग ना दे अगर चल जाये तो साफ पानी से धोए तुरंत डाक्टर का सहायता ले | 


कोई भी गलत चीजों का उपयोग मत कीजिए खाने के लिए इससे तो सेहत खराब तो होता ही है साथ ही झगड़ा होने का संभावना बना रहता है | 


सस्ते चाइनीज वस्तु से दूर रहना है चाइनीज रंगो का उपयोग नहीं करना है | मतलब Holi kyu manaya jata hai होली क्यों मनाया जाता है | क्योकि हमे बुराई को छोडनी इसलिए हमे इन चीज का ध्यान रखना है की मेरे से किसी को भी नुकशान ना हो | 


Holi wish hindi 


रंगो के त्यौहार में सभी रंगो की हो भरमार,

ढेर सारी खुशियों से भरा आपका संसार, 

यही दुआ है भगवान से हमारी हर बार, 

होली मुबारक हो मेरे यार || 


मथुरा की खुशबु , गोकुल का हार ,

वृन्दाबन की सुगंध, बरसाने की फुहार , 

राधा की उम्मीद , कान्हा का प्यार,

मुबारक हो आपको होली का त्योहार ||  


कदम कदम पर  खुशिया रहे 

गम से कभी ना हो सामना ,

जिंदगी में हर पल खुशिया नसीब हो 

मेरी तरफ से होली की शुभकामना || 

Haapy holi 2021


होली से खूबसूरत रंगो की तरह 

आपको और आपके पुरे परिवार को 

हमारी तरफ से बहुत बहुत रंगो और भरी  उमंगो शुभकामनाए || 



निकलो गलियों में बना कर टोली,

भिगा दो आज हर एक की झोली, 

कोई मुस्कुरा दे तो , उसे गले लगा लो, 

वरना निकल लो, लगा के रंग || 


राधा का रंग और कान्हा की पिचकारी 

प्यार के रंग से रंग दो दुनिया सारी  

यह रंग ना जाने कोई जात ना बोली 

मुबारक हो आपको रंगो भरी होली ||  


वसंत ऋतु की बहार,

चली पिचकारी उडा है गुलाल,

रंग बरसे नील हर लाल, 

मुबारक हो आपको होली का त्यौहार || 


पूर्णिमा का चाँद रंगो  की डोली 

चाँद से उसकी चांदनी बोली 

खुशियों से भर दे सबकी झोली , 

आपके जीवन को रंग दे ये होली || 


ये रंगो  का त्योहार आया है 

साथ अपने खुशियाँ लाया है | 

हमसे पहले कोई रंग न दे आपको 

इसलिए हमने शुभकामना का रंग 

सबसे पहले भिजवाया है || 

Haapy holi 

रंग और खुशिया का साथ हो ,

मौज मस्ती और चारो और खुशिया ही खुशिया हो ,

इस तरह होली का त्यौहार हो || 



यह पर्व हमे हमेशा आगे बढ़ने का प्रेरणा देता है होली | दोस्तों Holi kyu manaya jata hai.होली क्यों मनाया जाता है |  History of Holi. होली का इतिहास How is holi celebrated. कैसे मनाया जाता है।  कैसे मनाऐं और  Haapy holi wishes. यह ये आर्टिकल आशा कैसे है अच्छा लगा होगा | 


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